पापा दी ग्रेट- बेटी को क्रिकेट खेलता देख पिता ने बेच दिया मकान, पैसे से स्टेडियम-पिच बना दिया

New Delhi : एक मशहूर कहावत है कि हर कामयाब पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता है लेकिन राजस्थान के चुरू जिले की बेटी जो आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा है उसके लिए ये कहावत उलटी सिद्ध होती है। प्रिया पूनिया ने छोटी सी उम्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। वे अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता सुरेंद्र पूनिया को देती हैं। प्रिया के पिता ने अपने बेटी के सपने के लिये अपने एक मात्र घर तक को बेच दिया। घर से जो पैसे मिले उसे बेचकर उन्होंने घर के पास ही दो बीघा जमीन ली और उसे एक प्रोफेशनल पिच और छोटे से स्टेडियम में तब्दील कर दिया। यहां प्रिया ने दिन रात मेहनत की और इंडियन टीम में जगह पा ली।

प्रिया के पिता सुरेंद्र पूनिया ने जब बेटी की क्रिकेट की प्रति लगन देखी तो तभी से ही पिता ने अपनी बेटी के सपने को पूरा करने की ठान ली। उन्होंने अपनी प्रॉपर्टीं बेचकर घर में ही क्रिकेट ग्राउंड बना दिया। जिससे प्रिया को घर पर ही सभी सुविधाएं मिल सकें। अक्टूबर 2019 में प्रिया ने अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध नाबाद अर्धशतक जड़ा। जिससे पहली बार वे लाइमलाईट में आईं।
मूल रूप से चूरू के जनाऊ खारी गांव की रहने वाली प्रिया ने 9 साल की उम्र में जयपुर आकर अपने खेल को निखारा। साल 2010 में पिता सुरेंद्र पूनिया ने अपनी प्रॉपर्टीं बेचकर जयपुर में प्लॉट खरीदा और साल 2015 में उसी घर में क्रिकेट ग्राउंड बना दिया। प्रिया ने 2008 से 2015 यानी 7 साल तक टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा से दिल्ली में ट्रेनिंग ली। शर्मा को विश्वास था कि राजस्थान की बेटी प्रिया अपनी प्रतिभा का परिचय एक दिन देश के लिए जरूर देंगी।
प्रिया के पिता सुरेंद्र पूनिया भारतीय सर्वेक्षण विभाग में हैड क्लर्क हैं। 6 अगस्त, 1996 में जन्मी प्रिया को बचपन में बैडमिंटन का शौक था और वे पहले बैडमिंटन ही खेलती थीं, लेकिन बाद में उन्हें 9 साल की उम्र में क्रिकेट का चस्का लगा और सुराणा एकेडमी से क्रिकेट की शुरुआत की। प्रिया ने जयपुर में 6 महीने की ट्रेनिंग ली। उसके बाद प्रिया की फैमिली दिल्ली शिफ्ट हो गई और उन्हें वहां राजकुमार शर्मा की वेस्ट दिल्ली एकेडमी में प्रैक्टिस करने का मौका मिला। प्रिया का छोटा भाई राहुल भी क्रिकेट खेलता है।

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