हिमा दास : कभी पहनने को जूते नहीं थे और आज देश के सबसे बड़े अवार्ड खेल रत्न के लिये नॉमिनेट

New Delhi : 20 साल की एथलीट हिमा दास खेल रत्न के लिए नॉमिनेट हुईं हैं। असम सरकार ने खेल मंत्रालय को उनके नाम की सिफारिश की है। इस साल 6 खिलाड़ी इस पुरस्कार को हासिल करने की रेस में हैं। इनमें हिमा सबसे युवा हैं। रोहित शर्मा (क्रिकेट), नीरज चोपड़ा (जेवलिन थ्रो), विनेश फोगाट (रेसलिंग), मनिका बत्रा (टेबल टेनिस) और महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल का नाम भी खेल रत्न के लिये भेजा गया है। हिमा ने 2018 में फिनलैंड में हुई अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की 400 मीटर रेस में गोल्ड जीता था। वे ट्रैक इवेंट में ऐसा करने वाली देश की पहली एथलीट बनीं थीं। उन्होंने 51.46 सेकेंड में यह रेस पूरी की थी।

इसके अलावा उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स के 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले में सिल्वर जीता था लेकिन गोल्ड जीतने वाली टीम पर डोपिंग की वजह से बैन लगने पर गोल्ड भारतीय टीम को मिला। वहीं, महिलाओं की 4×400 रिले रेस में भी उन्होंने स्वर्ण जीता।
2019 में भी उन्होंने कामयाबी का यह सिलसिला बरकरार रखा। एक महीने के भीतर ही हिमा ने अलग-अलग इंटरनेशनल इवेंट्स में 5 गोल्ड जीते। हिमा ने 2 जुलाई को पोलैंड में हुई पोजनन एथलेटिक्स ग्रां प्री के 200 मीटर इवेंट में 23.65 सेकेंड का समय निकालते हुए गोल्ड जीता। 5 दिन बाद ही उन्होंने कुटनो एथलेटिक्स मीट के 200 मीटर इवेंट में गोल्ड जीता। हिमा ने यह रेस 23.97 सेकेंड में पूरी की। इसके बाद 13 जुलाई को उन्होंने चेक रिपब्लिक में हुई क्लाडनो एथलेटिक्स मीट के 200 मीटर इवेंट में भी गोल्ड जीता। इस बार उन्होंने 23.43 सेकेंड का समय निकालते हुये रेस जीती।

17 को हिमा ने टेबोर एथलेटिक्स मीट में भी 200 मीटर रेस का गोल्ड जीता। उन्होंने 23.25 सेकेंड का वक्त निकाला। 20 को उन्होंने चेक रिपब्लिक में हुई प्रतियोगिता के 400 मीटर इवेंट में 52.09 सेकंड का वक्त निकालते हुए गोल्ड जीता। हिमा को दोहा वर्ल्ड चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के लिए भी बुलाया गया था लेकिन बैक इंजरी की वजह से वे नहीं जा पाईं। उन्हें 2018 में अर्जुन अवॉर्ड मिल चुका है।

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